आँखें

मेरी आँखें हैं आइना मेरे दिल का,
देखकर समझ सकते हैं हाल हमारा।
नहीं छुप पाता कुछ भी इन आँखों से,
आँखों में है हर राज दिल हमारा।

किसी से बात करके भर आती हैं आँखें,
किसी की याद में बरस पड़ती हैं आँखें।
जुबाँ जो ना बोले वो बोल पड़ती हैं आँखें,
दर्द दिल में होता है तड़प जाती हैं आँखें।

दरिया की रवानी सी बहती हैं आँखें,
मतवाली, बेचैन रहती हैं आँखें।
राहों में पलकें बिछाए ये आँखें,
खामोश लब से बुलाती ये आँखें।

हजारों ख्वाव सजाती हैं आँखें,
कभी हँसाती कभी रुलाती हैं आँखें।
हर दर्द कह देती हैं आँखें,
मेरी आँखें हैं आइना मेरे दिल का ।।

नीति




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