Posts

Showing posts from July, 2018

जरा अधूरा दिन है !

धुंधला उजाला है या धुंधला दिन है ऑंखें कमजोर या उम्र कमनशीन है! एक उम्र ही है जो गुजरकर आगे बढ़ती है समय से सबसे अपने पराये से लड़ती है! खुरदरे पल है या खुरदरी पलकें एक गुजरा मेर...

अँधेरा जीतना है !

विशाल चुनौतियां है मगर योग्यता का हथियार भी है खुदे रास्ते , बारिश की टक्कर हिम्मत से मगर आगे बढ़ना भी है। समय तेज होकर बलवान हो गया मांझी ने कश्ती को लहरों में झोक दिया तूफ़ा...

जीतनी जंग है

कठोर समय के मध्य झूलते हुए संघर्ष के अनमोल क्षणों को रूलते हुए स्वयं को आगे बढ़ाना लक्षयंक है जीतनी जंग है। बेहिसाब रूकावट मन को भींचने लगेगी टूटती सांसे कण्ठ रेतने भी लगेगी करों में लग जायेंगे तालें रंक है किन्तु जीतनी फिर भी जंग है। कम और ज्यादा का गणित छोड़ पकड़ने को न बचा अब मीत थोड़े में विराट से जग को करना दंग है जीतनी जंग है। बाजुओं को फैलाकर आजादी बताना है जख्म खाकर भी खड़े हो जाना है मिटटी से अंकुर का सपना न अब विलम्ब है जीतनी जंग है। कला की अभिव्यक्ति सजना सजाना है भूलकर भी स्मरण का खत रचाना है मुठ्ठी में जिंदगी को...

" तानाशाही "

नमस्ते साथियों,, जीत और हार के बीच का फर्क महज आत्मविश्वास का होना है . अगर आत्मविश्वास आपके पास है तो कोई शक्ति आपको पराजित नही कर सकती . मगर शर्त है आपके लक्ष्यों में कही लालस...

बीतीं जिंदगी की बातें

बीत रही बरसात की बीत रही बातें झलकती मदहोश हो रही अंधी रातें। किले दरक रहे दरवाजें कूढ़ते टीले राह सामने लेकिन फिर भी बिखरे काफिले। घड़ी नाजुक दिन कमजोर साल उंघते काल ने पकड़...

भारत की नई संस्कृति "भीड़तंत्र"

अनहद नमस्कार साथियों , भारत वह देश जो अनहद खूबियां लिए एक स्वर्ग की तरह बसा है । जिसके उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम हर दिशा में विश्व धरोहरें है । लेकिन कुछ समय से कुछ घटनाएँ लगा...

इंसानियत

काफिले की सख्ती से राह में रोड़े है मंजिलें दूर पथिक को गुमनामी ने मोडे है। सुबह सब्जगाही के निराले गुल थे किसी की बुरी नजर में कांटे बबूल थे। कौन नद किनारे बैठ गीत ख़ुशी के गा...