मेरे कान्हा
राधिका हृदय में बसे हुए हैं कान्हा।
रूह में हैं कान्हा साँसों में हैं कान्हा।
मीरा की भक्ति में हैं बस कान्हा।
गोपियाँ हैं जिसकी दिवानी वो कान्हा।
माँ के आँचल में छिप जाते कान्हा।
ग्वालों संग माखन चुराते कान्हा।
गोपियों को छेड़े सताते थे कान्हा।
संग उनके रास रचाते थे कान्हा।
गोकुल में सबको सताते थे कान्हा।
फिर भी सभी के दुलारे थे कान्हा।
नन्द के प्यारे सबके लाडले कान्हा।
जग के हैं पूजित मनमोहक कान्हा।
जय श्री कृष्णा🙏
नीति
रूह में हैं कान्हा साँसों में हैं कान्हा।
मीरा की भक्ति में हैं बस कान्हा।
गोपियाँ हैं जिसकी दिवानी वो कान्हा।
माँ के आँचल में छिप जाते कान्हा।
ग्वालों संग माखन चुराते कान्हा।
गोपियों को छेड़े सताते थे कान्हा।
संग उनके रास रचाते थे कान्हा।
गोकुल में सबको सताते थे कान्हा।
फिर भी सभी के दुलारे थे कान्हा।
नन्द के प्यारे सबके लाडले कान्हा।
जग के हैं पूजित मनमोहक कान्हा।
जय श्री कृष्णा🙏
नीति

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