महिला दिवस
जो लोग आज महिला दिवस पर बधाई और सम्मान की बात कर रहे हैं उनमें से बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके मन में नारी के प्रति तनिक भी सम्मान नहीं है। कुछ लोग घर में माँ बहन का तो सम्मान करते हैं मगर पराई नारी को गलत दृष्टि से देखते हैं। उन सब के लिए मेरी कुछ पंक्तियाँ :-
नारी है सबसे प्यारी,
फिर क्यों बने तुम अत्याचारी ??
कमजोर नहीं होती नारी,
होती है सब पर भारी।
होती है वो सदाचारी,
फिर भी जाती दुत्कारी।
करती है सम्मान वो न्यारी,
होती है सबसे प्यारी।
नीति
नारी है सबसे प्यारी,
फिर क्यों बने तुम अत्याचारी ??
कमजोर नहीं होती नारी,
होती है सब पर भारी।
होती है वो सदाचारी,
फिर भी जाती दुत्कारी।
करती है सम्मान वो न्यारी,
होती है सबसे प्यारी।
नीति
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