तड़प

वक्त तुझसे मिलन का पर मजबूर थे हम
घड़ी संग रहने की मगर तन्हा रहे हम
बेचैन थे तुमसे मिलन के लिए हम
हम तड़पते रहे तुम भी तड़पे सनम

संग सब थे मगर ख्यालों में तुम
महफिल सजी याद आते हो तुम
तुम्हारी कमी है तरसते हैं हम तुम
चाहत है इतनी पर जुदा हैं सनम

तुम्हारे लिए दुआ करते हैं हम
तेरी खुशी के खातिर टूट जाएँगे हम
तुम हो सलामत तो सलामत हैं हम
तेरे आँसुओं में डूब जाएँगे हम सनम

तेरे दर्द ले लेंगे तुझे टूटने न देंगे हम
तुम न होना जुदा तुझे है कसम
दूर हो करके तुझसे जी न पाएँगे हम
तुम हो मेरे सदा हम तुम्हारे सनम

नीति



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