आखिरी वक्त
जो काम हो कल पर न टालो,
जो रिश्ते उलझे आज सँवार लो।
आत्मा ना जाने कब मिल जाए परमात्मा से,
कब दूर हो जाएँ हम अपने अजीज़ से।
ना कोई भरोसा कब साँस अंतिम हो,
आज मिले कल ना दर्शन हो।
दिनकर के संग अस्त जीवन हो,
या चन्दा के संग डूब जाए जिन्गानी।
जो संग हो तुम्हारे हर खुशी उनको दो,
वक्त का क्या पता कब कैसा हो।
आज मिले कल बिछड़ना पड़े,
क्या खबर कब आखिरी वक्त आए।
श्रीदेवी जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि🌹
ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति दें🙏😢
नीति
जो रिश्ते उलझे आज सँवार लो।
आत्मा ना जाने कब मिल जाए परमात्मा से,
कब दूर हो जाएँ हम अपने अजीज़ से।
ना कोई भरोसा कब साँस अंतिम हो,
आज मिले कल ना दर्शन हो।
दिनकर के संग अस्त जीवन हो,
या चन्दा के संग डूब जाए जिन्गानी।
जो संग हो तुम्हारे हर खुशी उनको दो,
वक्त का क्या पता कब कैसा हो।
आज मिले कल बिछड़ना पड़े,
क्या खबर कब आखिरी वक्त आए।
श्रीदेवी जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि🌹
ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति दें🙏😢
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