यादें

काश ऐसा दिन ना आए.....

जब तू मेरी बातों से नहीं,
मुझसे बात करने को परेशां हो।

एक अहसास हो महसूस मेरी आवाज हो,
जो गुजारिश करे कुछ पल मेरे संग रहो।

तब हम ना हों बस मेरी यादें हों,
एक साया मेरे ख्यालों का तेरे संग हो।

हम तड़प जाएँगे कि तुम परेशां हो,
ना होकर भी मेरी दुआएँ तेरे साथ हों।

तू रह सके बिन हमारे हर खुशी तेरे पास हो,
याद आए तो भीगी पलकें और होंठो पर मुस्कान हो।

है जब तक जीवन तेरा मेरा संग और प्रेम हो,
बस यही आरजू यही हृदय से फरियाद हो।

नीति

Comments

  1. दीदी 🙏🙏🙏 , शब्द नही मेरे पास क्या लिखुं । 👌👍

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    1. शुक्रिया भइया😊

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  2. धन्यवाद भाई

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  3. काश ऐसा दिन ना आए.....

    जब तू मेरी बातों से नहीं,
    मुझसे बात करने को परेशां हो।
    बहुत खूबसूरत बात कही आपने

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