भावुक मन
जाने ये मन भावुक क्यों हो रहा है ?
तुझसे दूर मगर तेरा हो गया है।
कैसी ये बेकरारी है ?
कैसी ये तड़प है ?
मन की सारी बात तुम तक पहुँचानी है।
तुमसे चाहे मिलना जुदाई का डर भी है।
रुत ये बदल रही है।
इंतजार में अँखियाँ तरस रही हैं।
आ जाओ मेरे जानम घड़ियाँ गुजर रही हैं।
रुका हुआ है लम्हा धड़कन भी थम गई है।
बातों से मन मेरा भावुक हो गया है।
नीति
तुझसे दूर मगर तेरा हो गया है।
कैसी ये बेकरारी है ?
कैसी ये तड़प है ?
मन की सारी बात तुम तक पहुँचानी है।
तुमसे चाहे मिलना जुदाई का डर भी है।
रुत ये बदल रही है।
इंतजार में अँखियाँ तरस रही हैं।
आ जाओ मेरे जानम घड़ियाँ गुजर रही हैं।
रुका हुआ है लम्हा धड़कन भी थम गई है।
बातों से मन मेरा भावुक हो गया है।
नीति
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