खूबसूरत ख्वाब


एक खूबसूरत शाम थी

तुम मेरे पास थे
तुम्हारा प्यारा सा साथ था
वो अहसास बहुत खास था
उस अहसास में हम खोए हुए थे
दिल चाहा कि तुमको अपना जिस्म बना लूँ
या रूह मैं तेरी बन जाऊँ
दिल चाहा कि हद से गुजर जाऊँ
क्यों ना तेरी साँसों में समा जाऊँ
दिल चाहा कि तुझमें समा जाऊँ
मगर ये तो सिर्फ ख्वाब ही था
जो आँख खुली और टूट गया
ना तुम थे ना वो हँसी शाम थी
बस अहसास तुम्हारा और तन्हाई थी।

Comments

  1. बहुत ही जानदार शानदार लाजवाब इस से ज्यादा इस के लिए मेरे पास शब्द नही तारीफ के लिए।।

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